मेरा परिवार शुद्ध शाकाहारी; लहसुन-प्याज से ज्यादा मतलब नहीं, फिर भी बढ़ती कीमतों का मसला देखूंगी: सीतारमण

  • राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने कहा- प्याज उत्पादन करने वाले किसानों को सहायता की जरूरत

  • आप सांसद संजय सिंह ने प्याज की बढ़ती कीमत को लेकर राज्यसभा में कामकाज रोको प्रस्ताव दिया


 

नई दिल्ली. वित्त मंत्री सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि वे प्याज और लहसुन नहीं खातीं। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने सीतारमण से पूछा था कि क्या वे प्याज खाती हैं? इस पर वित्त मंत्री ने कहा, ''मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज-लहसुन से मतलब नहीं रहता। मैं भी इनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं करती। मेरा परिवार शुद्ध शाकाहारी है, फिर भी प्याज की बढ़ती कीमतों का मसला देखूंगी।''


सुप्रिया ने लोकसभा में कहा था, ''प्याज का उत्पादन काफी निचले स्तर पर आ गया? हम चावल और दूध समेत अन्य चीजों का भारी मात्रा में निर्यात करते हैं। प्याज उत्पादन करने वाले किसान बहुत कम हैं। वास्तव में उन्हें सहायता देने की आवश्यकता है।'' वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर राज्यसभा में कामकाज रोको प्रस्ताव दिया था।


'मैं ऐसे समूह का हिस्सा रही हूं, जो बाजार पर नजर रखते हैं'


सीतारमण ने कहा, ''मैं 2014 से कुछ ऐसे मंत्रियों के ग्रुप का भी हिस्सा रही हूं, जो प्याज के बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हैं। कई बार प्याज का उत्पादन कम होता है। तब हमने उन लोगों को भी सहायता दी है, जो प्याज का आयात करना चाहते हैं। हमने निर्यातकों के लिए भी रातों-रात 5 से 7% तक की सहायता के आदेश को मंजूरी दी है।''