सचिव, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च को 4 मार्च को हाजिर होने के निर्देश
भोपाल। भोपाल गैस पीड़ितों का इलाज से संबंधित रिट पिटिशन की पेशी में गुरुवार को सुनवाई हुई। इसकी जानकारी देते हुए भोपाल ग्रुप इनफार्मेशन एक्शन की रचना ढींगरा ने बताया कि सुनवाई के दोरान चीफ जस्टिस एवं जस्टिस शुक्ला जी की खंडपीठ ने यह निर्देशित किया है, की सचिव, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च को 4 मार्च को हाजिर होना है, और उनके समक्ष लिखित में हलफनामा देना है, जो यह बताएगा कि भोपाल गैस पीड़ितों के इलाज से संबंधित 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का कितना पालन हुआ है। रचना ढींगरा ने आगे बताया कि इसके साथ ही बीएमएचआरसी को टीचिंग इंस्टीट्यूट बनाने के लिए उनके विभाग द्वारा अभी तक कौनसे कदम उठाए गए हैं, ओर कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया है, कि उनकी अनुमति के बगैर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित निगरानी समिति में कार्य कर रहे किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। रचना ढींगरा का कहना है की मध्य प्रदेश सरकार निगरानी समिति में काम कर रहे कर्मचारियों को हटाने की कोशिश कर रही है, ताकि निगरानी समिति अपना बहुमूल्य काम करने में असमर्थ रहे।
गैस कांड की रिट पिटीशन पर सुनवाई